रोला छंद
बरसा हवै पदोय,गिरत नइये जी काबर।
सुक्खा खेतीखार,भरोसा करबो काखर।।
रोवत हवै किसान,देख के अपन किसानी।
आसो परे अकाल,चलै कइसे जिनगानी।।
ज्ञानु
बरसा हवै पदोय,गिरत नइये जी काबर।
सुक्खा खेतीखार,भरोसा करबो काखर।।
रोवत हवै किसान,देख के अपन किसानी।
आसो परे अकाल,चलै कइसे जिनगानी।।
ज्ञानु
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